जब पूरे देश का किसान देवता सरकारी नीतियों के आगे हारकर याचक की भूमिका में खड़ा है!खुद रास्ता खोजने में नाकाम नजर आ रहा है! ऐसे समय मे एक युवा इं प्रदीप श्योराण हमारे बीच अपनी अपनी सोच व हुनर के साथ डटकर खड़ा हो जाता है और कहता है आओ इधर!मैं तुम्हे दलदल को उपजाऊ खाद के रूप में प्रयोग करने का तरीका बताता हूँ। चरखी दादरी के मांढी पिरानु गांव में अध्यापक के घर पैदा हुए प्रदीप श्योराण का नाम चर्चा में है।घर मे माँ का खेती व…
Read Moreसैद्धान्तिक लोकतंत्र बनाम वास्तविक लोकतंत्र।
डॉ.मुकेश कुमार मीणा।अगर लोकत्रंत वास्तविक है तो कोई संस्था या नियम आपदा के समय देश के किसी भाग में फंसे लोगो की मदद करने से दूसरी संस्था या लोगो को नही रोक सकता है ,उसका मापन उसके कार्यो से ही होगा । लेकिन यदी लोकतन्त्र केवल सैद्धान्तिक है तो साधन होने के बाद भी उपयुक्त लोगो तक सहायता पहुंचे यह जरुरी नही है ।सहायता नियमो और कानूनों में फँस कर रह जायेगी । आइये इण्डिया के लोकतंत्र का इस आधार पर मूल्यांकन करते हैं:- इंडिया के संविधान में केंद्र राज्य…
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