खाप पंचायत और पगड़ी रस्म

  प्रेमसिंह सिहाग उत्तर भारतीय समाज गठन की बुनियाद सदियों से खाप पंचायतें रही है।खाप का मतलब होता है आकाश से भी ऊपर व पानी से भी साफ।पिछले एक दशक से कई आपसी द्वेष के मामलों को लेकर मीडिया ने खाप पंचायतों को प्रगतिशील समाज में बाधक के रूप में निरूपित करने की कोशिश की है।सबसे बड़ा मुद्दा समान गोत्र में शादी को लेकर रहा है व खापें कई बार खुलकर हिन्दू मैरिज एक्ट में संशोधन की मांग कर चुकी है। खापों का लिखित इतिहास सम्राट हर्षवर्धन के काल से…

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किसान सत्याग्रह /किसान क्रांति

  संजीव कुमार सांगवान अगर किसान एक लाइन में अपने सवाल का उत्तर पूछे तो देश के 99% नेताओ के पास उसका उत्तर नही है।वह लाइन है कि जिस प्रकार पक्ष और विपक्ष मिलकर अपनी तनख्वाहें और भत्ते सांसद मे बैठकर बिना बहस के चुपचाप बढ़ा लेते हैैं “ठीक उसी प्रकार किसान के साथ पक्ष और विपक्ष मिलकर उसकी मेहनत और खुन पसीने से उगाई गई फसल पर लागत से आपकी तनख्वाह और भत्ते वृद्धि जितना प्रतिशत बढ़ाकर खरीदने का आश्वासन दे सकते हो ?” आपका जनप्रिय और लाडला,किसान पुत्र,फलाणा,धकाणा…

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