Dhananjay Singh Rajpoot पहले परंपरागत घरेलू उधोगो को बर्बाद किया गया। उसकी जगह बड़े बड़े कारखाने लगाने वालों को प्रोत्साहित किया गया सस्ते ज़मीन और बिजली दिया गया सस्ता कर्ज और भयंकर सब्सिडी दी गई ये कहकर की सबको रोजगार मिलेगा हुआ उल्टा जो उत्पादन घरों में हो रहा था अब वही उत्पादन बड़े बड़े कारखानों में होने लगा। करोड़ो रूपये के घोटाले होने लगे सब्सिडी खाने होड़ मच गई। जो परम्परागत घरेलू उत्पादन करने वाले थे वो बेरोजगार हो गए। जो उत्पादन करोड़ो लोग मिलकर घरों में…
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