(लेखक प्रवेश भालसे पेशे से शिक्षक ( प्रोफेसर) हैं ।इतिहास,पुरातत्व एवं अन्य सामाजिक विषयों पर लेखक के लेख और कहानियां विभिन्न साहित्यिक पटलों पर प्रकाशित और प्रसारित होती रहती हैं।) हीरे की तलाश। हीरे की तलाश में खो रहे है जो है पास में हीरे की चमक में देख नही पा रहे क्या दे रही कुदरत हमे हीरे के लिए काट रहे है जंगल उजाड़ के जंगल बकस्वाहा कर रहे प्रकृति को स्वाहा, हीरे निकालने की नही विनाश की है तैयारी जंगल पर चली जो आरी भड़की जो…
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