संजीव कुमार सांगवान अगर किसान एक लाइन में अपने सवाल का उत्तर पूछे तो देश के 99% नेताओ के पास उसका उत्तर नही है।वह लाइन है कि जिस प्रकार पक्ष और विपक्ष मिलकर अपनी तनख्वाहें और भत्ते सांसद मे बैठकर बिना बहस के चुपचाप बढ़ा लेते हैैं “ठीक उसी प्रकार किसान के साथ पक्ष और विपक्ष मिलकर उसकी मेहनत और खुन पसीने से उगाई गई फसल पर लागत से आपकी तनख्वाह और भत्ते वृद्धि जितना प्रतिशत बढ़ाकर खरीदने का आश्वासन दे सकते हो ?” आपका जनप्रिय और लाडला,किसान पुत्र,फलाणा,धकाणा…
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