डॉ.मुकेश कुमार मीणा। यह सब जानते है कि इंडिया में वैदिक साहित्य को ट्रांसलेट करके आर्य थ्योरी का रूप देने वाले अंग्रेज थे और उनके द्वारा ट्रांसलेटेड वैदिक साहित्य के आधार पर ही वर्ण व्यवस्था का प्रचार और स्थापना हुयी । साहित्य के ट्रांसलेशन के बाद प्रसार का कार्य उन्होंने अपने पालतू समाज सुधारको से सुधार के नाम पर करवाया। इन समाज सुधारको के द्वारा सुधार के नाम पर ऐसे ट्रांसलेटेड साहित्य को स्थापित किया जो मूल रूप से इंडियन उप महाद्वीप का नहीं था या केवल छोटे से शरणार्थी…
Read MoreCategory: चौपाल
सैद्धान्तिक लोकतंत्र बनाम वास्तविक लोकतंत्र।
डॉ.मुकेश कुमार मीणा।अगर लोकत्रंत वास्तविक है तो कोई संस्था या नियम आपदा के समय देश के किसी भाग में फंसे लोगो की मदद करने से दूसरी संस्था या लोगो को नही रोक सकता है ,उसका मापन उसके कार्यो से ही होगा । लेकिन यदी लोकतन्त्र केवल सैद्धान्तिक है तो साधन होने के बाद भी उपयुक्त लोगो तक सहायता पहुंचे यह जरुरी नही है ।सहायता नियमो और कानूनों में फँस कर रह जायेगी । आइये इण्डिया के लोकतंत्र का इस आधार पर मूल्यांकन करते हैं:- इंडिया के संविधान में केंद्र राज्य…
Read More